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GST रजिस्ट्रेशन और फाइलिंग

GST रजिस्ट्रेशन और फाइलिंग

रजिस्ट्रेशन, रिटर्न और सलाह — ताकि आपका GST कम्प्लायंस बिना तनाव के चले।

₹2,399* से शुरू

GST रजिस्ट्रेशन क्या है?

GST रजिस्ट्रेशन से आपके बिज़नेस को एक यूनिक GSTIN नंबर मिलता है। यह CGST Act, 2017 के तहत होता है, और इसके बाद आप कानूनी तौर पर GST ले और जमा कर सकते हैं। अगर सालाना टर्नओवर सामान के लिए ₹40 लाख से ज़्यादा है (सर्विस के लिए ₹20 लाख, कुछ खास राज्यों में ₹10 लाख), तो रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है। ऑनलाइन सेलर्स और दूसरे राज्यों में सप्लाई करने वालों के लिए टर्नओवर कम होने पर भी यह ज़रूरी है। बिना रजिस्ट्रेशन बिज़नेस चलाने पर Section 122 के तहत टैक्स का 10% या ₹10,000 (जो ज़्यादा हो) पेनल्टी लग सकती है। रजिस्ट्रेशन से इनपुट टैक्स क्रेडिट भी मिलता है और ग्राहकों व बैंकों का भरोसा बढ़ता है। इसलिए कई छोटे बिज़नेस सीमा से कम होने पर भी अपनी मर्ज़ी से रजिस्ट्रेशन कराते हैं।

GST रजिस्ट्रेशन किसे कराना चाहिए

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टर्नओवर सीमा पार करने वाले बिज़नेस — सालाना टर्नओवर ₹40 लाख (सेवाओं के लिए ₹20 लाख) से ज़्यादा होने पर रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है।

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ई-कॉमर्स सेलर्स — Amazon, Flipkart या Meesho जैसे प्लेटफॉर्म पर बेचने वाले ऑनलाइन सेलर्स।

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सर्विस प्रोवाइडर्स और फ्रीलांसर — पूरे भारत में सेवाएं देने वाले कंसल्टेंट्स, डिज़ाइनर्स, डेवलपर्स और प्रोफेशनल्स।

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मैन्युफैक्चरर्स और ट्रेडर्स — सामान बनाने, थोक या खुदरा व्यापार से जुड़े बिज़नेस।

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अपनी मर्ज़ी से रजिस्ट्रेशन कराने वाले — साख, इनपुट टैक्स क्रेडिट और बिज़नेस बढ़ाने के लिए रजिस्ट्रेशन कराने वाले स्टार्टअप और छोटी फर्में।

GST रजिस्ट्रेशन के फायदे

कानूनी पहचान

आपके बिज़नेस को सामान या सेवाओं के कानूनी रूप से मान्य सप्लायर के रूप में स्थापित करता है।

इनपुट टैक्स क्रेडिट

खरीदारी पर चुकाए GST का क्रेडिट क्लेम करें और अपना असली टैक्स खर्च कम करें।

बिज़नेस का विस्तार

राज्यों के बाहर और देशभर के ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस पर कानूनी रूप से बेचें।

बढ़ी हुई साख

GSTIN से ग्राहकों, वेंडर्स और बैंकों और फाइनेंस कंपनियों का भरोसा बढ़ता है।

ज़रूरी डॉक्यूमेंट

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बिज़नेस, प्रोपराइटर, पार्टनर्स या डायरेक्टर्स का PAN कार्ड।

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साइन करने वाले अधिकृत व्यक्ति का Aadhaar कार्ड।

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बिज़नेस के एड्रेस प्रूफ — बिजली बिल, किराया एग्रीमेंट या प्रॉपर्टी टैक्स रसीद।

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बैंक अकाउंट का प्रमाण — कैंसिल्ड चेक या पासबुक।

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बिज़नेस बनने का प्रमाण — पार्टनरशिप डीड या इनकॉर्पोरेशन सर्टिफिकेट।

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प्रोपराइटर, पार्टनर या डायरेक्टर की फोटो और संपर्क जानकारी।

यह कैसे काम करता है

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योग्यता की जांच और सलाह

हम जांचते हैं कि आपको ज़रूरी रजिस्ट्रेशन चाहिए या अपनी मर्ज़ी से।

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डॉक्यूमेंट जमा करना

PAN, Aadhaar और बिज़नेस के प्रमाणों की सही होना जांची जाती है।

3

आवेदन फाइल करना

हम GST पोर्टल पर आपका आवेदन फाइल करते हैं और आपका ARN जनरेट करते हैं।

4

सर्टिफिकेट जारी होना

आपका GSTIN सर्टिफिकेट जारी होकर आपको भेजा जाता है, जो पूरे देश में मान्य है।

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फॉलो-अप और मदद

हम सुधार और रजिस्ट्रेशन के बाद कम्प्लायंस सेटअप में मदद करते हैं।

समय-सीमा

डॉक्यूमेंट जमा और वेरिफाई होने के बाद सामान्य GST रजिस्ट्रेशन में आमतौर पर 3–7 वर्किंग डे लगते हैं, विभाग की जांच और क्वेरी के हल पर निर्भर। पूरे और सही डॉक्यूमेंट वाले आवेदन आमतौर पर जल्दी पूरे होते हैं।

हम क्या कवर करते हैं

GST रिटर्न फाइलिंग (GSTR-1/3B)

ब्याज और लेट फीस से बचने के लिए समय पर मासिक या तिमाही रिटर्न फाइलिंग।

₹674*/माह से शुरूऔर जानें →

GST सालाना रिटर्न (GSTR-9)

अपना वित्त वर्ष सही तरीके से बंद करने के लिए सालाना रिटर्न और रिकंसिलिएशन।

₹3,999* से शुरूऔर जानें →

विदेशियों के लिए GST रजिस्ट्रेशन

विदेशी कंपनियों और अनिवासियों के लिए NRTP और OIDAR रजिस्ट्रेशन।

₹4,999* से शुरूऔर जानें →

GST अमेंडमेंट (संशोधन)

बिज़नेस का नाम, पता, पार्टनर्स/डायरेक्टर्स या बैंक की जानकारी अपडेट करें।

₹999* से शुरूऔर जानें →

GST रिवोकेशन

कैंसिल हुए GST रजिस्ट्रेशन को फिर से एक्टिव करें।

₹1,999* से शुरूऔर जानें →

GST LUT फाइलिंग

IGST पहले चुकाए बिना सामान या सेवाएं एक्सपोर्ट करें।

₹1,499* से शुरूऔर जानें →

GST रिफंड क्लेम

एक्सपोर्ट, इनवर्टेड ड्यूटी या कैश लेजर रिफंड से अटकी वर्किंग कैपिटल वापस पाएं।

₹2,499* से शुरूऔर जानें →

GST नोटिस हैंडलिंग

GST नोटिस और विभाग के सवालों के लिए एक्सपर्ट द्वारा जवाब तैयार करना।

और जानें →

इन आम गलतियों से बचें

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जब छोटे टर्नओवर वाले बिज़नेस के लिए कम्पोज़िशन स्कीम बेहतर हो तब रेगुलर स्कीम में रजिस्टर करना, या इसका उल्टा।

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GST रजिस्ट्रेशन की सीमा पार करने के बाद भी बिना रजिस्ट्रेशन बिज़नेस चलाना, जिससे पेनल्टी और ब्याज लगता है।

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हर महीने इनपुट टैक्स क्रेडिट को GSTR-2B से न मिलाना, जिससे साल के अंत में बड़े मिसमैच होते हैं।

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दिए गए समय में जवाब देने के बजाय GST नोटिस को तब तक नज़रअंदाज़ करना जब तक पेनल्टी और ब्याज न बढ़ जाए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

GST रजिस्ट्रेशन क्या है?

GST रजिस्ट्रेशन से आपके बिज़नेस को GSTIN नंबर मिलता है। इस नंबर से आप कानूनी तौर पर GST ले और जमा कर सकते हैं। यह CGST Act, 2017 के तहत होता है। टर्नओवर तय सीमा से ज़्यादा हो, या आपका बिज़नेस कुछ खास कैटेगरी में आता हो, तो यह रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है।

GST के तहत रजिस्ट्रेशन किसे कराना ज़रूरी है?

अगर सामान बेचने वाले बिज़नेस का सालाना टर्नओवर ₹40 लाख से ज़्यादा है (सर्विस के लिए ₹20 लाख, कुछ खास राज्यों में ₹10 लाख), तो GST रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है। ऑनलाइन सेलर्स (ई-कॉमर्स) और दूसरे राज्यों में सप्लाई करने वालों को टर्नओवर कम होने पर भी रजिस्ट्रेशन कराना होता है।

GST रजिस्ट्रेशन के क्या फायदे हैं?

GST रजिस्ट्रेशन से आपके बिज़नेस को कानूनी पहचान मिलती है, इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम कर सकते हैं, ग्राहकों और लेंडर्स का भरोसा बढ़ता है, और आप पूरे भारत में और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर सामान या सेवाएं बेच सकते हैं।

GST रजिस्ट्रेशन में कितना समय लगता है?

डॉक्यूमेंट जमा और वेरिफाई होने के बाद सामान्य प्रोसेसिंग में आमतौर पर 3–7 वर्किंग डे लगते हैं, हालांकि समय विभाग की जांच और क्वेरी के हल पर निर्भर करता है।

GST रजिस्ट्रेशन के लिए कौन-से डॉक्यूमेंट चाहिए?

मुख्य डॉक्यूमेंट हैं: प्रोपराइटर, पार्टनर्स या डायरेक्टर्स का PAN और Aadhaar, बिज़नेस के एड्रेस प्रूफ जैसे बिजली बिल या किराया एग्रीमेंट, बैंक अकाउंट का प्रमाण, और बिज़नेस बनने का प्रमाण जैसे पार्टनरशिप डीड या इनकॉर्पोरेशन सर्टिफिकेट।

क्या फ्रीलांसर और सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए GST रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है?

हां, जब सालाना टर्नओवर ₹20 लाख (विशेष श्रेणी राज्यों में ₹10 लाख) से ज़्यादा हो जाए। इस सीमा से कम होने पर भी अपनी मर्ज़ी से रजिस्ट्रेशन से इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम करने और बिज़नेस की साख बढ़ाने में मदद मिलती है।

क्या कई ब्रांच वाले बिज़नेस का एक ही GST नंबर हो सकता है?

नहीं। जिस-जिस राज्य में आपका बिज़नेस है, हर राज्य का अलग GST रजिस्ट्रेशन चाहिए। हां, एक ही राज्य की कई ब्रांच आमतौर पर एक ही GSTIN में जोड़ी जा सकती हैं।

ज़रूरी होने पर GST रजिस्ट्रेशन न कराने से क्या होगा?

ज़रूरी GST रजिस्ट्रेशन के बिना बिज़नेस चलाने पर CGST Act, 2017 की Section 122 के तहत बकाया टैक्स का 10% या ₹10,000 (जो भी ज़्यादा हो) पेनल्टी लग सकती है, साथ में ब्याज और सामान ज़ब्त होने का खतरा।

GST रिटर्न देर से फाइल करने पर क्या होता है?

देर से फाइल करने पर हर दिन की देरी पर लेट फीस और बकाया टैक्स पर ब्याज लगता है, और पुराने रिटर्न पूरे होने तक आप अगले रिटर्न फाइल नहीं कर पाते।

GST रजिस्ट्रेशन की टर्नओवर सीमा क्या है?

सामान के सप्लायर्स के लिए सीमा ₹40 लाख टर्नओवर (विशेष श्रेणी राज्यों में ₹20 लाख) और सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए ₹20 लाख (विशेष श्रेणी राज्यों में ₹10 लाख) है; ई-कॉमर्स सेलर्स जैसी कुछ श्रेणियों के लिए सीमा कम है।

अगर मेरा बिज़नेस बंद हो जाए तो क्या मैं GST रजिस्ट्रेशन कैंसिल करा सकता हूं?

हां, सभी बकाया रिटर्न फाइल करने और बकाया भुगतान चुकाने के बाद आप GST पोर्टल पर खुद से कैंसिलेशन के लिए आवेदन कर सकते हैं; क्लोज़र के हिस्से के रूप में फाइनल रिटर्न (GSTR-10) हम संभालते हैं।

अपना GST कम्प्लायंस तनाव-मुक्त रखें

आज ही हमारी टीम से बात करें और फिर कभी GST की डेडलाइन न चूकें।

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