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इनकम टैक्स फाइलिंग (ITR)

इनकम टैक्स फाइलिंग (ITR)

इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के तहत हर तरह के टैक्सपेयर — नौकरीपेशा, फ्रीलांसर, प्रोफेशनल्स, बिज़नेस, कंपनियां और फर्म — के लिए एक्सपर्ट की मदद से फाइलिंग के साथ नियमों का पालन करें और अपना टैक्स बोझ कम करें।

परिचय

इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग क्या है?

इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) एक सालाना फॉर्म है जो आप इनकम टैक्स विभाग में भरते हैं। इसमें आप साल भर की कमाई, ली गई कटौतियां और बनने वाला टैक्स या रिफंड बताते हैं। अलग-अलग लोगों के लिए अलग फॉर्म हैं: नौकरीपेशा के लिए ITR-1 और ITR-2, बिज़नेस और प्रोफेशनल्स के लिए ITR-3 और ITR-4, और फर्म, LLP व कंपनियों के लिए ITR-5 और ITR-6। हर फॉर्म की अपनी डेडलाइन है, और ज़्यादा टर्नओवर पर टैक्स ऑडिट भी ज़रूरी होता है। समय पर सही ITR भरने से लेट फीस नहीं लगती, लोन और वीज़ा में आसानी होती है, और नुकसान को अगले सालों में आगे ले जा सकते हैं।

प्लान और कीमत

अपना ITR प्लान चुनें

एक्सपर्ट की मदद से फाइलिंग, साफ शुरुआती कीमत पर। अपनी आय के हिसाब से प्लान चुनें।

सैलरी — मध्यम

आसान प्लान + एक से ज़्यादा Form 16, कमीशन या कॉन्ट्रैक्ट आय, ज़्यादा मकान, पिछले घाटे। आय ₹50 लाख से कम।

₹1,650*

सैलरी — जटिल

मध्यम प्लान + शेयर, म्यूचुअल फंड, प्रॉपर्टी या अन्य संपत्ति पर कैपिटल गेन। पुरानी सैलरी पर राहत (Form 10E) भी।

₹3,450*

छोटा बिज़नेस

अनुमानित टैक्स (44AD / 44ADA)। ₹3 करोड़ तक टर्नओवर, ऑडिट नहीं; ₹75 लाख तक प्रोफेशनल आय। बैलेंस शीट नहीं।

₹1,200+*

बिज़नेस फाइलिंग

हिसाब-किताब, प्रॉफिट-लॉस और बैलेंस शीट वाला बिज़नेस या प्रोफेशन। सीमा पार होने पर टैक्स ऑडिट में तालमेल।

₹4,350*

F&O / इंट्राडे ट्रेडिंग

फ्यूचर्स-ऑप्शंस और इंट्राडे ट्रेडिंग, ₹10 करोड़ तक टर्नओवर, ऑडिट नहीं। कई ब्रोकर चलेंगे।

₹4,499*

पार्टनरशिप फर्म

पार्टनरशिप फर्म का इनकम टैक्स रिटर्न, टैक्स ऑडिट के साथ या बिना।

₹5,999*

प्राइवेट लिमिटेड / LLP

कंपनी या LLP का इनकम टैक्स रिटर्न, CA ऑडिट में तालमेल और एक्सपर्ट कॉल के साथ।

₹12,599*

भारत में आय वाले NRI

विदेश में रहने वाले भारतीय, जिनकी भारत से किराया, ब्याज, कैपिटल गेन या अन्य आय है।

₹2,479+*

विदेशी आय वाले निवासी

विदेशी सैलरी, ESOP, RSU या ESPP वाले निवासी — विदेशी टैक्स क्रेडिट और संपत्ति की जानकारी सहित।

₹5,850+*

डिफेक्टिव नोटिस 139(9)

डिफेक्टिव रिटर्न का नोटिस आया? हम रिटर्न सुधारकर दोबारा जमा करते हैं।

₹999+*

टैक्स सलाह

कैपिटल गेन, दोबारा निवेश, NRI स्टेटस, विदेशी आय या टैक्स प्लानिंग पर एक घंटे की एक्सपर्ट कॉल।

₹999*

नोटिस का जवाब

143(1), 156 जैसे नोटिस — हम पढ़ते हैं, जवाब देते हैं और फॉलो-अप करते हैं।

₹1,499+*

अपडेटेड / देर से रिटर्न

कोई साल छूट गया या आय सुधारनी है? हम पिछले सालों के लेट या अपडेटेड रिटर्न फाइल करते हैं।

₹2,799+*

स्क्रूटिनी और री-असेसमेंट

142(1), 143(2), 148, 148A जैसे नोटिस के जवाब की तैयारी।

₹3,749*

शून्य / कम TDS सर्टिफिकेट

शून्य या कम TDS के लिए आवेदन — जैसे जब NRI भारत में प्रॉपर्टी बेचता है।

₹4,875*

15CA / 15CB फाइलिंग

विदेश पैसा भेजने के लिए CA सर्टिफिकेट और ऑनलाइन फाइलिंग, जैसा बैंक मांगते हैं।

₹4,899+*

*शुरुआती प्रोफेशनल फीस। अंतिम कीमत आपके डॉक्यूमेंट पर निर्भर है और काम शुरू होने से पहले बताई जाती है। “+” का मतलब है कि मुश्किल केस में कीमत ज़्यादा हो सकती है।

हम क्या कवर करते हैं

हम क्या कवर करते हैं

नौकरीपेशा के लिए ITR

आपके Form 16 से ITR-1/2 फाइलिंग, सभी योग्य कटौतियों के साथ।

₹974* से शुरूऔर जानें →

बिज़नेस और प्रोफेशनल्स के लिए ITR

फ्रीलांसर और कंसल्टेंट्स के लिए प्रिज़म्प्टिव टैक्सेशन और बुक्स-आधारित फाइलिंग।

₹1,200* से शुरूऔर जानें →

कंपनी और फर्म के लिए ITR

LLP, फर्म और कंपनियों के लिए टैक्स ऑडिट के तालमेल के साथ ITR-5/6 फाइलिंग।

₹5,999* से शुरूऔर जानें →

बिज़नेस टैक्स फाइलिंग और प्लानिंग

बिज़नेस के लिए एडवांस टैक्स गणना और साल भर टैक्स प्लानिंग।

₹4,350* से शुरूऔर जानें →

TDS रिटर्न फाइलिंग

तिमाही TDS रिटर्न — Form 24Q, 26Q, 27Q — साथ में Form 16/16A।

₹2,249*/तिमाही से शुरूऔर जानें →

Form 15CA/15CB फाइलिंग

विदेश भुगतान के लिए CA सर्टिफिकेशन और फाइलिंग।

₹4,899* से शुरूऔर जानें →

इनकम टैक्स नोटिस का जवाब

इनकम टैक्स नोटिस और स्क्रूटिनी के लिए एक्सपर्ट द्वारा जवाब तैयार करना।

और जानें →
प्रक्रिया

यह कैसे काम करता है

1

अपने डॉक्यूमेंट भेजें

Form 16, बैंक स्टेटमेंट और निवेश के प्रूफ — सुरक्षित रूप से ऑनलाइन अपलोड करें।

2

एक्सपर्ट जांच

हम ओल्ड और न्यू टैक्स रिजीम की तुलना करते हैं और आपकी हर योग्य कटौती पहचानते हैं।

3

रिटर्न की तैयारी

फाइल करने से पहले आपका रिटर्न तैयार करके आपको जांचने के लिए भेजा जाता है।

4

फाइलिंग और एक्नॉलेजमेंट

इनकम टैक्स विभाग में फाइल किया जाता है और एक्नॉलेजमेंट आपको भेजा जाता है।

इन आम गलतियों से बचें

✓

अपनी आय के हिसाब से गलत ITR फॉर्म चुनना, जिससे रिटर्न डिफेक्टिव हो सकता है।

✓

फाइल करने से पहले Form 26AS और एनुअल इन्फॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) को अपने रिकॉर्ड से न मिलाना।

✓

साल भर एडवांस टैक्स की किस्तें न भरना और साल के अंत में Section 234B/234C के तहत ब्याज चुकाना।

✓

जिन कटौतियों के आप हकदार हैं, उनके लिए सही डॉक्यूमेंट के बिना फाइल करना।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

मुझ पर कौन-सा ITR फॉर्म लागू होता है?

यह आपकी आय के स्रोतों पर निर्भर करता है — सैलरी, कैपिटल गेन्स, बिज़नेस इनकम या विदेशी संपत्ति। नौकरीपेशा आमतौर पर ITR-1 या ITR-2, फ्रीलांसर और प्रोफेशनल्स ITR-3 या ITR-4, और कंपनियां व फर्म ITR-5 या ITR-6 भरती हैं।

ITR फाइल करने के लिए कौन-से डॉक्यूमेंट चाहिए?

आमतौर पर Form 16, बैंक स्टेटमेंट, निवेश के प्रूफ, Form 26AS/AIS, और लागू हो तो कैपिटल गेन्स स्टेटमेंट या बिज़नेस के फाइनेंशियल स्टेटमेंट और ऑडिट रिपोर्ट।

अगर डेडलाइन निकल गई है तो क्या आप मदद कर सकते हैं?

हां, संबंधित असेसमेंट ईयर खत्म होने से पहले तय समय में बिलेटेड रिटर्न अभी भी फाइल किया जा सकता है, Section 234F के तहत लेट फीस के साथ।

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख क्या है?

जिन्हें ऑडिट की ज़रूरत नहीं है, उनके लिए आखिरी तारीख आमतौर पर 31 जुलाई होती है। जिनका टैक्स ऑडिट ज़रूरी है, उनके लिए आमतौर पर 31 अक्टूबर। इनकम टैक्स विभाग कभी-कभी ये तारीखें बढ़ा भी देता है।

अगर मैं ITR बिल्कुल फाइल न करूं तो क्या होगा?

ज़रूरी होने पर फाइल न करने से लेट फीस, बकाया टैक्स पर ब्याज, कुछ नुकसान आगे ले जाने का अधिकार खोना, और गंभीर मामलों में इनकम टैक्स एक्ट के तहत पेनल्टी या मुकदमा हो सकता है।

क्या फाइल करने के बाद मैं अपना इनकम टैक्स रिटर्न रिवाइज़ कर सकता हूं?

हां, मूल रिटर्न की किसी गलती या छूट को सुधारने के लिए तय समय-सीमा में Section 139(5) के तहत रिवाइज़्ड रिटर्न फाइल किया जा सकता है।

देर से ITR फाइल करने पर कितनी पेनल्टी है?

Section 234F के तहत ₹5,000 तक की लेट फीस लगती है (कुल आय ₹5 लाख से कम हो तो ₹1,000), साथ में बकाया टैक्स पर ब्याज।

क्या आखिरी तारीख के बाद ITR फाइल कर सकते हैं?

हां, Section 139(4) के तहत आमतौर पर असेसमेंट ईयर की 31 दिसंबर तक बिलेटेड रिटर्न फाइल किया जा सकता है, लेकिन इसमें बिज़नेस लॉस आगे ले जाने जैसे कुछ फायदे नहीं मिलते।

भरोसे के साथ अपना रिटर्न फाइल करें

आज ही हमारी टीम से बात करें और अपना ITR सही और समय पर फाइल करवाएं।

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